गाय की बात पर विपक्ष ने प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
पिछले कुछ वर्षों में गाय को लेकर कई तरह की सामूहिक भीड़ द्वारा लोगों की हत्या का मामला सामने आया है जो कि बहुत ही चिंता का विषय माना जा रहा है। विपक्ष गाय के नाम पर हो रही इस तरह की मॉब लिंचिंग पर पहले भी गंभीर प्रश्न खड़े कर चुका है। ये घटनाएं केवल गाय के नाम पर ही नहीं हो रही है बल्कि यह घटनाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर हो रही हैं।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कुछ लोग ऐसे हैं जो जब ओम और गाय का नाम सुनते हैं तो उनके बाल खड़े हो जाते हैं। इसके बाद गाय की बात पर विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को गाय के नाम पर हो रही हत्याओं की चिंता करनी चाहिए।
गाय की बात पर हत्या चिंता का विषय
दरअसल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मथुरा में एक कार्यक्रम के दौरान बातचीत करते हुए बोले की ओमऔर गाय का नाम सुनते ही कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं। उनको ऐसा लगता है कि देश 16वीं और 17वीं शताब्दी में पहुंच गया है। वह लोग ऐसे ज्ञान का प्रयोग माहौल बिगाड़ने के लिए करते हैं। प्रधानमंत्री की इस बात का विरोध करते हुए भाकपा के प्रमुख डी राजा ने कहा कि जब देश की अर्थव्यवस्था नीचे की ओर जा रही है। ऐसे में देश के प्रधानमंत्री और गाय की बातें कर रहे हैं। ऐसे समय में जबकि गाय के नाम पर लोगों की हत्या की जा रही है।
असदुद्दीन ओवैसी ने भी किया विरोध
प्रधानमंत्री के बयान के बारे में जब ए आई एम आई एम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस देश में केवल ओम और गाय शब्द ही नहीं सुनाई देते हैं। मस्जिदों से अजान सुनाई देती है। प्रधानमंत्री को गाय के नाम पर देश में हो रही हत्याओं के लिए चिंतित होना चाहिए क्योंकि संविधान का घोर उल्लंघन हो रहा है।
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